शास्त्रानुसार संपूर्ण पूजन विधि, मंत्र और आवश्यक सामग्री
ॐ नमः शिवाय। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अभिषेक का संकल्प लें।
विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन करें।
शिवलिंग को पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
पंचामृत से अभिषेक करें।
पवित्र जल से अभिषेक करें।
बेलपत्र चढ़ाएं।
रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
शिव जी की आरती करें।
रुद्राभिषेक से आयु, आरोग्य, धन, पुत्र, पशु आदि की प्राप्ति होती है। सभी पापों से मुक्ति मिलती है।